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स्थानीय बेरोजगार संघ ने बंद पड़े किशनगाड़िया खदान को खोलने की मांग पर दिया एक दिवसीय धरना

 

स्थानीय बेरोजगार संघ ने बंद पड़े किशनगाड़िया खदान को खोलने की मांग पर दिया एक दिवसीय धरना,खदान को पुनः चालू कराने को लेकर की प्रधान मंत्री से मांग


धरना स्थल पर उपस्थित संघ के सदस्य 

मुसाबनी :- प्रखण्ड अंतर्गत किशनीगाड़िया (नितरा) माइंस परिसर में बंद पड़े खदान को पुनः चालू करने को लेकर गुरुवार को अध्यछ सह ग्राम प्रधान राम सोरेन के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना दिया।इस मौके पर खदान के आकस्मिक मजदूर एवं स्थानीय बेरोजगार काफी संख्या में उपस्थित थे।मौके प्रधान मंत्री के नाम बीडीओ को ज्ञापन भी सोंपा गया।संघ के सदस्यों ने बताया की यह माइंस का नाम उत्तरी धोबनी किशनिगाड़ी है,जो 1996 में चालू की गई थी।अयस्क का भी उत्पादन प्रारंभ हुआ था।सन् 1998 में एचसीएल /आईसीसी द्वारा कार्य प्रगति के समय दुसरी पाली में अचानक बंद कर दिया था।सचिव इन्द्रजीत मार्डी ने कहा की यदि इस खदान को पुनः चालू की जाती है,तो प्रत्यक्ष रूप से रोजगार की सृजन होगी। प्रखण्ड से पलायन रूकेगी तथा बेरोजगारी घटेगी साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्र के जनजाति एवं विलुप्त होती आदिम जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगी।मौके पर सिद्धार्थ सोरेन,अमर सिंह बानरा,विक्रम मार्डी,दाखिन हांसदा,दासमत मुर्मू,पंचानाथ मुर्मू,धोबनी माझी बाबा लखन मार्डी,लाईनडीह माझी बाबा जोय बास्के,पाथरगोडा माझी बाबा सुदर्शन हांसदा आदि उपस्थित थे. 

धरना स्थल पर उपस्थित संघ के सदस्य  


  



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